दलित साहित्य में नारी प्रतिरोध के स्वर

Authors

  • पी. एम. आर. जयंती हिंदी प्रोफेसर, एस.के.आर. और एस.के.आर. सरकारी महिला महाविद्यालय (स्वायत्त), कडप्पा Author

Abstract

दलित साहित्य का आधुनिक भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है। यह शोध पत्र दलित साहित्य में महिलाओं की आवाज़ और प्रतिरोध के विभिन्न आयामों का विश्लेषण करता है। दलित महिलाएं जाति और लिंग के दोहरे उत्पीड़न का सामना करती हैं, और साहित्य उनके संघर्ष और सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बन जाता है।

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Published

2023-09-30

How to Cite

दलित साहित्य में नारी प्रतिरोध के स्वर. (2023). Shodh Utkarsh, 1(3), 111-113. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/70

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