दलित साहित्य में नारी प्रतिरोध के स्वर
सार
दलित साहित्य का आधुनिक भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है। यह शोध पत्र दलित साहित्य में महिलाओं की आवाज़ और प्रतिरोध के विभिन्न आयामों का विश्लेषण करता है। दलित महिलाएं जाति और लिंग के दोहरे उत्पीड़न का सामना करती हैं, और साहित्य उनके संघर्ष और सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बन जाता है।







