बिरसा मुंडा का ‘उलगुलान’ और आदिवासी लोक साहित्य

Authors

  • राम चन्द्र Author
  • प्रवीण कुमार Author

DOI:

https://doi.org/10.67275/SU.2026.041404

Keywords:

बिरसा मुंडा, उलगुलान, औपनिवेशिक शासनसत्ता, आदिवासी समाज, आदिवासी लोक साहित्य, मानव मुक्ति, राष्ट्र निर्माण

Abstract

प्रस्तुत शोध आलेख भारतीय जननायक बिरसा मुंडा के संरचनात्मक दृष्टिकोण और आदिवासी लोक साहित्य में व्याप्त उनकी धारणाओं पर आधारित है। बिरसा मुंडा ने कैसेअपनी आलोचनात्मक और रणनीतिक दृष्टियों से औपनिवेशिक शासनसत्ता से आदिवासी समाज को मुक्ति दिलाया और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। यह आलेख इसी अवधारणा पर आदिवासी लोक में व्याप्त विचारों पर विश्लेषणात्मक चिंतन प्रस्तुत करता है।

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Published

2026-06-30

How to Cite

बिरसा मुंडा का ‘उलगुलान’ और आदिवासी लोक साहित्य . (2026). Shodh Utkarsh, 4(14), 12-17. https://doi.org/10.67275/SU.2026.041404

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