दलित साहित्य में दलित चिन्तन का उभरता स्वर
Abstract
साहित्य मानवीय संवेदनाओं, चिंताओं और भावनाओं को मूर्त रूप देता है। लिखित भाषा के विकास से पहले भी साहित्य मौजूद था; मनुष्य मौखिक परंपराओं के माध्यम से अपने अनुभवों को व्यक्त करते थे। आज, लेखन प्रणालियों के विकास के कारण, दुनिया भर में हर भाषा में साहित्य रचा जा रहा है, जो विविध मानवीय चिंताओं पर चिंतन को बढ़ावा देता है।







