[1]
“हरमहेन्द्र सिंह बेदी जी के काव्य में समाज और मनोजगत ”, s, vol. 2, no. 8, पृ. 07–09, दिस. 2024, अंतिम उपयोग: 6 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/194