[1]
“आचार्य चतुरसेन के ‘श्रीराम’ में रस-निष्पत्ति ”, s, vol. 4, no. 13, पृ. 59–60, मार्च 2026, अंतिम उपयोग: 19 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/388