“कवि डॉ.बृजेश सिंह की ग़ज़लों में अस्मितामूलक विमर्श ” (2024) Shodh Utkarsh, 2(5), पृ. 29–30. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/117 (अंतिम उपयोग: 3 जून 2026).