राजू शर्मा के कथा साहित्य में सामाजिक जीवन संघर्ष

लेखक

  • उमा बणचुल रिसर्च स्कॉलर (पीएचडी) हिंदी विभाग दक्षिण भारत हिंदी प्रचार हैदराबाद मोबाइल-943820222 ##default.groups.name.author##

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समाज का हिस्सा होने##common.commaListSeparator## जीवन परिस्थितियों##common.commaListSeparator## अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों##common.commaListSeparator## राजू शर्मा के कथा साहित्य में सामाजिक जीवन संघर्ष

सार

व्यक्तियों का समूह समाज का निर्माण करता है। समाज का हिस्सा होने वाले व्यक्ति को सामाजिक प्राणी कहा जाता है। जीवन परिस्थितियों और हालातों को नियंत्रित करते हुए आगे बढ़ने का नाम है। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना और परिस्थितियों से जूझना ही संघर्ष है।

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प्रकाशित

2023-09-30

अंक

खंड

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