हिंदी-उर्दू विवाद और मुसलमान लेखकों पर उसका प्रभाव
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मुसलमान लेखक##common.commaListSeparator## हिंदी साहित्य के विकास##common.commaListSeparator## स्वतंत्रता से पहले तक हिंदी##common.commaListSeparator## मुस्लिम लेखकों की अनुपस्थितिसार
हिंदी साहित्य के विकास पर नज़र डालें तो पाते हैं कि स्वतंत्रता से पहले तक हिंदी में कोई मुस्लिम लेखक नहीं था, जबकि विद्रोह के दौरान उनकी उपस्थिति काफी अच्छी थी। उनकी रचना 'रानी की तकी की कहानी' एक अपवाद है। मुस्लिम लेखकों की अनुपस्थिति संभवतः हिंदी-उर्दू संघर्ष के कारण थी, जिसका उल्लेख आचार्यशुकुल ने किया था। रामहिलास शमा लिखती हैं।







