मेलयालम लेखिका कमला सुरैया की कहानियों में मातृत्व की झलक

Authors

  • डॉ. सनोज पी.आर Author

Abstract

चार दशक पहले, जिस लेखिका ने अकेले ही और निडर होकर इस विषय का सामना किया—जिसके पास औजार के तौर पर केवल उसकी कलम और शब्द थे—वह मलयालम लेखिका कमला सुरैया थीं। कमला सुरैया की अपनी एक विशिष्ट साहित्यिक संवेदनशीलता थी, जिसे वह नैतिक मूल्यों में दृढ़ता से स्थापित रखना चाहती थीं। वह एक ऐसा दौर था, जब महिला लेखिकाएँ नैतिक मूल्यों को ही जीवन का मूल आधार मानते हुए, अपनी रचनात्मक गतिविधियों में पूरी तरह से डूबी रहती थीं।

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Published

2024-09-30

How to Cite

मेलयालम लेखिका कमला सुरैया की कहानियों में मातृत्व की झलक . (2024). Shodh Utkarsh, 2(7), 25-26. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/163