पंत के काव्य में मार्क्सवाद, प्रगतिवाद और पर्यावरण चेतना

लेखक

  • सीमा सोनी शोधार्थी की हिन्दी अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा (म.प्र.) ##default.groups.name.author##

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साहित्य##common.commaListSeparator## कविता##common.commaListSeparator## पंत के काव्य##common.commaListSeparator## कवि की रचनाएँ

सार

पर्यावरण के प्रति सजग लेखक बनने के लिए सामाजिक और मानवीय होना आवश्यक है। साहित्य केवल मानव जाति के लिए रचा जाता है। केवल एक प्रतिभाशाली साहित्यकार ही जनहित, व्यापक मानवता के हित में साहित्य या कविता की रचना करता है। सामाजिक रूप से प्रासंगिक और मानवता के हित में रचित कवि की रचनाएँ समाज और पाठकों पर किस हद तक प्रभाव डालती हैं?

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प्रकाशित

2023-06-30

अंक

खंड

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