आदिवासी समस्याओं पर विमर्श कुडुक साहित्य के परिप्रेक्ष्य में

Authors

  • हेमन्त कुमार टोप्पो शोधकर्ता जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग रांची विश्वविद्यालय, रांची Author

Abstract

आदिवासी शब्द से हमारे मन में एक संघर्षरत व्यक्ति या समाज, कठिनाइयों और समस्याओं से भरा जीवन, एक भ्रामक और अज्ञानी समाज की छवि उभरती है। आदिवासियों के जीवन में आज भी कई समस्याएं मौजूद हैं। उनकी संस्कृति अलग है। उनका जीवन जीने का तरीका भी अलग है। उनमें पिछड़ापन, निरक्षरता, अज्ञानता, अंधविश्वास, रूढ़िवादिता आदि भी पाई जाती हैं।

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Published

2023-09-30

How to Cite

आदिवासी समस्याओं पर विमर्श कुडुक साहित्य के परिप्रेक्ष्य में. (2023). Shodh Utkarsh, 1(3), 106-108. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/68

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