निलज वनिता का सांस्कृतिक भौतिकवाद

Authors

  • अमर सिंह Author
  • डॉ. सीमा चन्द्रन Author

Abstract

दुनिया भर में हो रही या आयोजित की जा रही सभी मानवीय, पर्यावरणीय और मानव-विज्ञान संबंधी गतिविधियों पर विचार करें—जिनमें अपराध, अनैतिक काम, गलत हरकतें, दुर्व्यवहार और गैर-कानूनी तौर-तरीके शामिल हैं; क्या ये सभी परिष्कृत, शुद्ध और उचित नियमों से संचालित हैं? अगर ऐसा है, तो ठीक है। अगर नहीं, तो आपको यह मानना ​​होगा कि जब इन मानवीय गतिविधियों में ही परिष्कार का अभाव है, तो उन्हें परिष्कृत, शुद्ध भाषा और दार्शनिक संदर्भ में कैसे व्यक्त और संप्रेषित किया जा सकता है? जब से हमें दुनिया का बोध हुआ है...

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Published

2025-09-30

How to Cite

निलज वनिता का सांस्कृतिक भौतिकवाद . (2025). Shodh Utkarsh, 3(11), 49-51. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/293

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