अमृत राय के कथा-साहित्य में जीवन-दर्शन

Authors

  • डॉ. अनुराधा शुक्ला Author

Abstract

15 अगस्त 1921 को प्रेमचंद और उनकी पत्नी शिवरानी देवी के घर एक अनोखे व्यक्तित्व वाले बच्चे का जन्म हुआ। माता-पिता द्वारा रखा गया नाम 'अमृत' सचमुच उनके चरित्र की पहचान बन गया; उनके शब्दों में मानो अमृत का ही रस घुला होता था। गिरिजा कुमार माथुर ने उनके व्यक्तित्व का सटीक वर्णन किया है: "अमृत राय साफ़, निर्मल जल की तरह हैं—एक खुले और पारदर्शी व्यक्तित्व की विस्तृत चमक।"

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Published

2024-12-31

How to Cite

अमृत राय के कथा-साहित्य में जीवन-दर्शन. (2024). Shodh Utkarsh, 2(8), 23-25. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/200