एकात्म मानव दर्शन में मातृ शक्ति की केन्द्रीय भूमिका एवं पंच-परिवर्तन का स्त्री दृष्टिकोण

Authors

  • डॉ. अनुराधा शुक्ला Author

Abstract

पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित 'एकात्म मानव दर्शन' (Integral Humanism) का सिद्धांत, भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के दायरे में व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए एक दार्शनिक आधार प्रस्तुत करता है। यह शोध-पत्र एकात्म मानव दर्शन में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका का विश्लेषण करता है और इस दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है।

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Published

2026-03-31

How to Cite

एकात्म मानव दर्शन में मातृ शक्ति की केन्द्रीय भूमिका एवं पंच-परिवर्तन का स्त्री दृष्टिकोण. (2026). Shodh Utkarsh, 4(13), 108-109. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/406

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