.सूरीनाम की हिंदी कविता: सूरीनामी संस्कृति का धरोहर

Authors

  • ब्लेस्सनराजू &डॉ.आर.जयचंद्रन Author

Abstract

सूरीनाम हमारे देश से बहुत दूर स्थित है; फिर भी, यह भारत का एक अभिन्न अंग बना हुआ है, जो आस्था के एक अटूट बंधन से जुड़ा है। सरनामी भाषा हिंदी की ही एक बोली जैसी है, और आज इस भाषा में विपुल साहित्य उपलब्ध है। सूरीनाम में हिंदी भाषा और साहित्य का पुनरुद्धार भारतीय अनुबंधित श्रमिकों के कठिन परिश्रम के माध्यम से संभव हो पाया।

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Published

2023-12-31

How to Cite

.सूरीनाम की हिंदी कविता: सूरीनामी संस्कृति का धरोहर. (2023). Shodh Utkarsh, 1(4), 72-74. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/92