मरंग गोडा नीलकंठ हुआ उपन्यास में चित्रित विकिरण प्रदूषण

Authors

  • बिष्टप्पा तलवार Author

Abstract

यह लेख उपन्यास *मारंग गोडा नीलकंठ हुआ* में दिखाए गए रेडिएशन प्रदूषण पर आधारित है। इसमें आदिवासी लेखिका महुआ माजी के काम के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण, रेडिएशन प्रदूषण और आदिवासी समुदायों के विस्थापन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई है। लेखिका विश्पा तलवार बताती हैं कि आदिवासी समाज पर जंगलों की कटाई, यूरेनियम की माइनिंग और न्यूक्लियर कचरे का सबसे बुरा असर पड़ रहा है—और ये सभी आधुनिक ग्लोबलाइज़ेशन और विकास के ही नतीजे हैं।

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Published

2025-03-31

How to Cite

मरंग गोडा नीलकंठ हुआ उपन्यास में चित्रित विकिरण प्रदूषण . (2025). Shodh Utkarsh, 3(9), 65-66. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/246