रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के कथा साहित्य में शैक्षिक दृष्टिकोण

Authors

  • मालती बी.आर.& प्रो बृज भूषण गुप्ता & मालती बी.आर. Author

Abstract

समाज जातिवाद, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद और प्रांतीय सोच जैसी चीज़ों से बंधा हुआ है—ये ऐसी बातें हैं जो हर स्तर पर असमानता को बढ़ावा देती हैं। औद्योगीकरण ने इंसान को भौतिकवादी बना दिया है। भौतिकवाद और पूंजीवाद की अंधी दौड़ में फंसकर, लोग असुरक्षित महसूस करने लगे हैं और कई बार नकारात्मक सोच भी अपना लेते हैं। भारत के संत, महान आत्माएं और विचारक...

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Published

2024-12-31

How to Cite

रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के कथा साहित्य में शैक्षिक दृष्टिकोण. (2024). Shodh Utkarsh, 2(8), 88-89. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/223