कृषि उपार्जन एवं नवाचारी जनसंचार साधनों का पिछड़ा वर्ग की महिलाओं में सशक्तीकरण (रीवा जिले के विशेष संदर्भ में)

Authors

  • डॉ. महानन्द द्विवेदी Author
  • श्रद्धा शुक्ला Author

Abstract

नए दौर की मांग है कि समाज और परिवार का सर्वांगीण और संतुलित विकास हो। ऐसा संतुलन तभी हासिल किया जा सकता है जब समाज और परिवार को बनाने वाली दो अहम मानवीय इकाइयों—यानी महिलाओं और पुरुषों—के विकास का रास्ता एक जैसा हो। अगर महिलाओं या पुरुषों में से किसी एक का विकास असंतुलित रहता है, तो विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

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Published

2025-06-30

How to Cite

कृषि उपार्जन एवं नवाचारी जनसंचार साधनों का पिछड़ा वर्ग की महिलाओं में सशक्तीकरण (रीवा जिले के विशेष संदर्भ में) . (2025). Shodh Utkarsh, 3(10), 34-41. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/264