ओमप्रकाश की 'जूठन': दलित अनुभव की लेखनी से उपजा सत्य

Authors

  • सुमन बारला & डॉ. महेन्द्र कुमार वर्मा Author

Abstract

‘जूठन’ दलित साहित्य के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण आत्मकथा है, जिसके रचयिता ओमप्रकाश वाल्मीकि हैं। उन्होंने विभिन्न साहित्यिक विधाओं—कविता, कहानी, नाटक और आत्मकथा—में सक्रिय लेखन किया है। वाल्मीकि न केवल एक संवेदनशील रचनाकार हैं, बल्कि एक सजग सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जिनका संपूर्ण जीवन दलित समुदाय के संघर्षों और आकांक्षाओं का एक जीवंत प्रतीक है। ‘जूठन’ उनके इसी कर्मठ और चेतन व्यक्तित्व के निर्माण और विकास की गाथा है।

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Published

2024-09-30

How to Cite

ओमप्रकाश की ’जूठन’: दलित अनुभव की लेखनी से उपजा सत्य . (2024). Shodh Utkarsh, 2(7), 110-112. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/187

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