परसाई की पारसाईता

Authors

  • चेतन चंद्र जोशी Author

Abstract

जैसे ही हिंदी व्यंग्य विधा का ज़िक्र आता है, अगर कोई एक नाम सबसे पहले ज़हन में उभरता है, तो वह है ‘हरिशंकर परसाई’। हालाँकि हिंदी व्यंग्य के क्षेत्र में कई जाने-माने व्यंग्यकारों की एक लंबी और प्रतिष्ठित सूची मौजूद है, फिर भी परसाई का कोई सानी नहीं है। संदर्भ चाहे कोई भी हो—स्थान, काल या परिस्थिति—और बात चाहे अतीत की हो, वर्तमान की या भविष्य की; परसाई की व्यंग्य रचनाओं के मूल में एक अनोखी ताज़गी हमेशा महसूस की जा सकती है।

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Published

2024-09-30

How to Cite

परसाई की पारसाईता . (2024). Shodh Utkarsh, 2(7), 55-56. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/171