1.
सूरदास कृत ’भ्रमरगीत सार’ में उपालंभ काव्य एवं वात्सल्य वर्णन का आलोचनात्मक अध्ययन. s [इंटर्नेट]. 30 सितम्बर, 2026 [उल्लेखित 1 अक्टूबर, 2026];4(15):64-5. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/489