1.
नागार्जुन की कविता में जन चेतना सामाजिक एवं राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में. s [इंटर्नेट]. 30 सितम्बर, 2026 [उल्लेखित 1 अक्टूबर, 2026];4(15):01-2. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/472