1.
रणेन्द्र के उपन्यास ‘गायब होता देश’ में अभिव्यक्त आदिवासी जीवन-संघर्ष. s [इंटर्नेट]. 30 जून, 2026 [उल्लेखित 4 जुलाई, 2026];4(14):28-31. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/436