1.
गुलज़ार के गीत ’कल्लू-मामा’ में मनोवैज्ञानिक चेतना. s [इंटर्नेट]. 31 दिसम्बर, 2025 [उल्लेखित 17 जून, 2026];3(12):63-4. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/340