“सूरदास कृत ’भ्रमरगीत सार’ में उपालंभ काव्य एवं वात्सल्य वर्णन का आलोचनात्मक अध्ययन”. Shodh Utkarsh 4, no. 15 (सितम्बर 30, 2026): 64–65. अंतिम उपयोग अक्टूबर 1, 2026. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/489.