“नौकर की कमीज़’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’: विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन का यथार्थ”. Shodh Utkarsh, vol. 3, no. 12, दिसम्बर, 2025, पृ. 104-6, https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/358.