[1]
“भक्ति जागरण में निर्गुण काव्य के प्रवर्तक-संत नामदेव ”, s, vol. 2, no. 5, पृ. 50–52, मार्च 2024, अंतिम उपयोग: 15 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/126