[1]
“राजेन्द्र यादव के कथा साहित्य में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं भाषिक चेतना का समावेशात्मक अध्ययन”, s, vol. 4, no. 13, पृ. 98–100, मार्च 2026, अंतिम उपयोग: 19 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/403