[1]
“’गोली’ उपन्यास में पुरुष पात्रों की मनोवैज्ञानिक दुर्बलता और हताशा का चित्रण”, s, vol. 4, no. 13, पृ. 87–88, मार्च 2026, अंतिम उपयोग: 19 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/399