[1]
“नौकर की कमीज़’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’: विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन का यथार्थ”, s, vol. 3, no. 12, पृ. 104–106, दिस. 2025, अंतिम उपयोग: 17 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/358