[1]
“धूमिल की पटकथा: लोकतंत्र की विडंबना और जनचेतना का दस्तावेज ”, s, vol. 3, no. 12, पृ. 96–97, दिस. 2025, अंतिम उपयोग: 17 जून, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/354