“राजेन्द्र यादव के कथा साहित्य में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं भाषिक चेतना का समावेशात्मक अध्ययन” (2026) Shodh Utkarsh, 4(13), पृ. 98–100. doi:10.67275/b0400962.