“आत्मबोध, मानसिक शान्ति एवं जीवन-दृष्टि के सन्दर्भ में अद्वैत वेदान्त की उपादेयता” (2025) Shodh Utkarsh, 3(12), पृ. 127–130. doi:10.67275/jjgrz284.