’भोलाराम का जीव’ में निहित प्रशासनिक भ्रष्टाचार और सामाजिक विसंगति का आलोचनात्मक विश्लेषण. (2025). Shodh Utkarsh, 3(12), 98-98. https://shodhutkarsh.com/index.php/s/article/view/355