[1]
2026. रणेन्द्र के उपन्यास ‘गायब होता देश’ में अभिव्यक्त आदिवासी जीवन-संघर्ष. Shodh Utkarsh. 4, 14 (जून 2026), 28–31. DOI:https://doi.org/10.67275/w0sr7d24.