मध्यकालीन मुस्लिम साहित्यकार और उसके साहित्य

लेखक

  • हृदय कुमार सहायक प्रोफेसर, हिंदी विभा, श्री अरविंद कॉलेज (संध्याय) दिल्ली विश्वविद्यालय , दिल्ली ##default.groups.name.author##

सार

हिंदी की परंपरा मूलतः एक धर्मनिरपेक्ष परंपरा है। हिंदी भाषी समुदाय और कला का निर्माण विभिन्न जिलों के मिलन से हुआ है। खड़ी बोली के साथ-साथ क्षेत्रीय बोलियों में भी हिंदी साहित्य का लंबे समय से विकास हुआ है। फिद्यापथी और रहीम क्षेत्रीय कला में उसी हिंदी की झलक प्रस्तुत करते हैं।

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प्रकाशित

2023-09-30

अंक

खंड

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