हिंदी कविताओं में अभिव्यक्ति आदिवासी जीवन संघर्ष और प्रतिरोध

लेखक

  • हरेद्र कुमार सहायक प्रोफेसर, हिन्दी विभाग एम.एल. आर्य कॉलेज, कसबा, पूर्णिया ##default.groups.name.author##

सार

आदिवासी समुदाय प्राचीन काल से ही भारतीय समाज का अभिन्न अंग रहे हैं, जो सदियों से जंगलों, पहाड़ों और प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहते आए हैं। फिर भी, आज भी उन्हें हथियार उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि

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प्रकाशित

2023-09-30

अंक

खंड

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