अभिमन्यु और अनंत और अमिताभ घोष के चुने हुए उपन्यासों में हाशिएकृत लोगों की आवाजें सबाल्टार्न अध्ययन के आधार पर

लेखक

  • अरुंधति मोहन रिसर्च स्कॉलर हिंदी विभाग केरल, विश्वविद्यालय तिरुवनंतपुरम, केरल ##default.groups.name.author##
  • डॉ. आर. जयचंद्र आचार्य हिंदी विभाग, केरल विश्वविद्यालय तिरुवनंतपुरम, केरल ##default.groups.name.author##

सार

साहित्य में हाशिए पर पड़े लोगों की छोटी-छोटी आवाज़ों को किस प्रकार और किस माध्यम से स्थान दिया जाता है? इस प्रश्न का उत्तर इतिहास में मिल सकता है। जब तक इतिहासकारों ने इतिहास की व्याख्या अपने-अपने तरीके से की, तब तक उस पर उपनिवेशवाद और सत्ता का दबाव बना रहा।

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प्रकाशित

2023-09-30

अंक

खंड

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