वर्त्तमान युग में संत कबीर और महाकवि तुलसीदास के विचारों की प्रासंगिकता

लेखक

  • डॉ. रेखा नागर सहायक प्राध्यापक - हिंदी भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मह (म.प्र.) ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.67275/cg727r65

सार

प्रस्तुत शोध पत्र हिंदी साहित्य के भक्तिकाल के दो प्रमुख स्तंभों, संत कबीर और महाकवि तुलसीदास के विचारों की वर्तमान युग में प्रासंगिकता का विस्तृत और विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। कबीरदास जी जहां अपने निर्गुण पंथ और समाज सुधारवादी दृष्टिकोण के माध्यम से पाखंड, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों पर तीखा प्रहार करते हैं,

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प्रकाशित

2026-03-31

अंक

खंड

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