सुशीला टाकभौंरे के साहित्य में नारी चेतना
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https://doi.org/10.67275/jf368p38सार
सुशीला टाकभौरे समकालीन हिंदी दलित साहित्य की प्रमुख महिला आवाज़ों में से एक हैं। उनकी रचनाएँ मुख्य रूप से दलित महिलाओं के बहुआयामी शोषण, सामाजिक-आर्थिक असमानताओं, पितृसत्तात्मक दमन और जाति व लिंग के अंतर्संबंधों पर केंद्रित हैं।
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प्रकाशित
2026-03-31
अंक
खंड
Articles
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सुशीला टाकभौंरे के साहित्य में नारी चेतना. (2026). Shodh Utkarsh, 4(13), 96-97. https://doi.org/10.67275/jf368p38







