अकेलेपन का सौंदर्यशास्त्र: समकालीन हिंदी कविता में आधुनिक मनुष्य की आंतरिक दुनिया

लेखक

  • डॉ.सलीजा ए पी ##default.groups.name.author##

सार

मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ इंसानी संवेदनाओं और अनुभवों में भी लगातार बदलाव आए हैं। आधुनिक दौर में, जहाँ विज्ञान, तकनीक, शहरीकरण और औद्योगीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएँ दी हैं, वहीं साथ ही एक गहरे मानसिक और भावनात्मक संकट को भी जन्म दिया है। इस संकट का एक प्रमुख रूप है...

##submission.citations##

##submission.downloads##

प्रकाशित

2026-03-31

अंक

खंड

Articles