हिंदी कविता में राष्ट्रीय-चेतना बोध

लेखक

  • प्रो. (डॉ.) विजयकुमार रोडे ##default.groups.name.author##

सार

हिंदी कविता भारतीय समाज की संवेदनाओं, आकांक्षाओं और संघर्षों की सशक्त अभिव्यक्ति रही है। राष्ट्रीय चेतना का भाव हिंदी कविता का एक केंद्रीय तत्व है; इसने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक ऊर्जा प्रदान की, बल्कि उत्तर भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य को भी आकार दिया। हिंदी कविता पाठकों के समक्ष केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति के रूप में ही प्रस्तुत नहीं होती

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प्रकाशित

2026-03-31

अंक

खंड

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