पारिवारिक संबंधों के बदलते स्वरूप और मालती जोशी की कहानियाँ: एक मूल्यांकन
सार
यह रिसर्च पेपर मालती जोशी की कहानियों में दिखाए गए पारिवारिक रिश्तों के बदलते स्वरूप का विश्लेषण करता है। भारतीय समाज की पारंपरिक पहचान संयुक्त परिवार व्यवस्था रही है, जिसमें सदस्य प्यार, सहयोग, त्याग और भावनात्मक जुड़ाव के बंधनों से जुड़े होते थे। हालाँकि, औद्योगीकरण, भौतिकवाद और व्यक्तिवादी सोच जैसे कारणों से संयुक्त परिवार टूटने लगे और एकल परिवारों में बदलने लगे। नतीजतन, परिवारों के भीतर भावनात्मक जुड़ाव कम हुआ है, और साथ ही रिश्तों में कड़वाहट और दूरियाँ बढ़ी हैं।







