डॉ. शिवप्रसाद सिंह के उपन्यास 'औरत' में ग्राम-चित्रण

लेखक

  • डॉ. पी. एम. आर. जयंती ##default.groups.name.author##

सार

डॉ. हर्षदेव माधव आधुनिक हिंदी साहित्य के एक जाने-माने लेखक हैं, जिनकी कहानियाँ मुख्य रूप से ग्रामीण जीवन और उसकी सच्चाइयों पर आधारित होती हैं। उनके उपन्यासों में सामाजिक असमानता, शोषण, बेरोज़गारी और महिलाओं के संघर्ष व बेबसी का मार्मिक चित्रण मिलता है। उनका उपन्यास *औरत* (1992) ग्रामीण महिलाओं के जीवन के दुख-दर्द को बयां करने वाला एक अहम दस्तावेज़ है; इसमें कई महिला पात्रों—खासकर मुख्य पात्र 'सोनवा'—के ज़रिए उन शोषण, अत्याचारों और सामाजिक बंधनों को उजागर किया गया है जिनका सामना महिलाओं को करना पड़ता है।

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प्रकाशित

2025-09-30

अंक

खंड

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