सारा जोसेफ का ‘ओथप्पु’ और मृदुला गर्ग का ‘कठगुलाब’ : एक तुलनात्मक अध्ययन
सार
सारा जोसेफ़ मलयालम साहित्य की एक प्रमुख समकालीन नारीवादी लेखिका हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक न्याय, महिलाओं की स्वायत्तता और धार्मिक संस्थाओं की आलोचना जैसे विषय स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं; वे महिलाओं को केवल दुख सहने वाली पीड़िता के रूप में नहीं, बल्कि जागरूक और संघर्षरत व्यक्तियों के रूप में चित्रित करती हैं। वहीं दूसरी ओर, मृदुला गर्ग हिंदी साहित्य की एक प्रमुख उपन्यासकार हैं; उनके उपन्यासों में आधुनिक महिला की मानसिकता, रिश्तों की जटिलताओं और समाज के दोहरे मानदंडों का चित्रण मिलता है।







