अमृत राय के कथा-साहित्य में जीवन-दर्शन
सार
15 अगस्त 1921 को प्रेमचंद और उनकी पत्नी शिवरानी देवी के घर एक अनोखे व्यक्तित्व वाले बच्चे का जन्म हुआ। माता-पिता द्वारा रखा गया नाम 'अमृत' सचमुच उनके चरित्र की पहचान बन गया; उनके शब्दों में मानो अमृत का ही रस घुला होता था। गिरिजा कुमार माथुर ने उनके व्यक्तित्व का सटीक वर्णन किया है: "अमृत राय साफ़, निर्मल जल की तरह हैं—एक खुले और पारदर्शी व्यक्तित्व की विस्तृत चमक।"







