सुभद्रा कुमारी चौहान एवं स्त्री दृष्टि

लेखक

  • प्रियंका सिंह ##default.groups.name.author##

सार

सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 16 अगस्त, 1904 को हुआ था—एक ऐसे समय में, जब स्त्री-मुक्ति का विचार मात्र भी पाप समझा जाता था। ऐसे दौर में, सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने और स्थापित सीमाओं का अतिक्रमण करने का विचार ही अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम था। यह उसी मुक्त मानसिकता से उपजी वह फसल है, जो आज हमारे बीच गौरव के साथ खड़ी है।

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प्रकाशित

2024-09-30

अंक

खंड

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