राम भक्ति काव्य परंपरा में महाकवि तुलसी का स्थान

लेखक

  • डॉ. सजिना. पी. एस. ##default.groups.name.author##

सार

चूँकि तुलसीदास राम-काव्य परंपरा के सर्वप्रमुख कवि हैं, इसलिए हम उन्हें ही अपना केंद्रीय संदर्भ-बिंदु मानकर इस काव्य-विधा की विशेषताओं का विश्लेषण करते हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने राम-काव्य परंपरा को जन-सामान्य तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया; यह बात उनके साहित्यिक कार्यों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। इसी राम-काव्य परंपरा के माध्यम से, तुलसीदास ने एक आदर्श समाज की परिकल्पना की।

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प्रकाशित

2024-09-30

अंक

खंड

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