किन्नरों की सामाजिक परंपराएँ एवं आधुनिक जीवन
सार
भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा में, किन्नरों से संबंधित सबसे शुरुआती प्रमाण पुराणों में मिलते हैं; विशेष रूप से, मुख्य प्रमाण के तौर पर हम भगवान शिव के *अर्धनारीश्वर* रूप का उल्लेख कर सकते हैं। *अर्धनारीश्वर* शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है। यहाँ, जहाँ शिव पुरुष तत्व के प्रतीक हैं और शक्ति स्त्री तत्व की, वहीं वे साथ ही *प्रकृति* (नेचर) और *मानस* (मन) की द्वैतता का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दोनों तत्वों के मिलन से ब्रह्मांड की रचना और उत्पत्ति के संबंध में अनेक कथाएँ प्रचलित हैं। किन्नर समुदाय भी स्वयं को *अर्धनारीश्वर* के साथ ही रचित मानता है।







